दिल के बगैर होगा सीना शायद
नाम होठों पे आते ही पैमाना चूम लेना
पड़ेगा अब यू ही पीना शायद
धुंधला चेहरा, फींकी आवाज़
डूब रहा है इश्क का सफीना शायद
पा के खो देना और खो के फिर ढूढना
अब ऐसे ही है जीना शायद
ishQ
30th August 2012

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